मई १८९८: पुणे में चापेकर बंधुओ को फांसी से क्रुध्द वीर विनायक की कुलदेवी अष्टभुजा के सन्मुख सशस्त्र क्रान्ति की प्रतिज्ञा
५ सितम्बर १८९९: पिताश्री का देहावसान
१ जनवरी १९००: नासिक में मित्र मेला की स्थापना
मार्च १९०१: मंगल परिणय
१९ दिसंबर १९०१: शालांत परीक्षा उत्तीर्ण
२४ जनवरी १९०२: फर्ग्युसन महाविद्यालय-पुणे प्रवेश
